UP Politics: अवनीश अवस्थी को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्यों बनाया अपना सलाहकार, जानें तीन बड़े कारण

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उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) रहे अवनीश अवस्थी रिटायरमेंट के एक महीने के अंदर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार बन गए हैं। शनिवार को इस बाबत आदेश भी जारी हो गया। अवनीश अवस्थी अपर मुख्य सचिव (गृह) पद से 31 अगस्त को ही रिटायर हुए थे। अवस्थी के नाम सबसे लंबे समय तक यूपी का गृह विभाग संभालने का रिकॉर्ड भी है। 

अवस्थी के सलाहकार बनाए जाने के बाद से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर योगी ने अवस्थी को ही अपना सलाहकार क्यों बनाया? इसके सियासी मायने क्या हैं? अवस्थी की नियुक्ति 28 फरवरी 2023 तक के लिए ही है, ऐसे में इसके बाद वह क्या करेंगे? आइए जानते हैं…
 
अवस्थी को ही क्यों योगी ने बनाया सलाहकार? 
इसके लिए हमने वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अवनीश अवस्थी के बीच 20 साल से भी पुराना रिश्ता है। 2002-03 में अवनीश अवस्थी को गोरखपुर का जिलाधिकारी बनाया गया था। तब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद थे।’ प्रमोद आगे अवनीश अवस्थी के सलाहकार बनाए जाने के पीछे तीन बड़े कारण बताते हैं… 
 
1. भरोसा : जब 2017 में योगी सत्ता में आए, तब उन्होंने सबसे पहले केंद्र सरकार में डेप्युटेशन पर गए अवनीश अवस्थी को वापस यूपी बुलाया। यहां उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां दी गईं। योगी के हर प्रशासनिक काम में अवनीश अवस्थी की भूमिका काफी अहम रही है। अवस्थी के पास प्रशासनिक कामकाज की अच्छी क्षमता है। योगी इसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। यही कारण है कि अपर मुख्य सचिव का कार्यकाल खत्म होने के बाद सीएम योगी ने अवनीश अवस्थी को अपना सलाहकार नियुक्त कर लिया। 
 
2. बड़े प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी : यूपी में चल रहे केंद्र और प्रदेश सरकार के हर बड़े प्रोजेक्ट की जानकारी अवनीश अवस्थी को है। अवनीश अवस्थी ही सीएम योगी को हमेशा गाइड करते रहे हैं। ऐसे में इन प्रोजेक्ट के कामकाज में कोई देरी न हो इसके लिए अवस्थी को योगी अपने साथ रखना चाहते हैं। 
 
3. प्रशासन और सरकार के बीच तालमेल कायम करना : बतौर अपर मुख्य सचिव गृह रहते हुए अवनीश अवस्थी का सबसे बड़ा काम प्रशासन और सरकार के बीच तालमेल बेहतर करना था। योगी इसे आगे भी जारी रखना चाहते हैं। अब अवस्थी योगी के लिए यह काम उनके सलाहकार के तौर पर करेंगे। अवस्थी को प्रशासन के सारे दांव-पेंच मालूम हैं। ऐसे में वह अफसरों से काम निकलवाना अच्छे से जानते हैं। 
 
फरवरी 2023 के बाद क्या करेंगे अवनीश अवस्थी? 
अवनीश अवस्थी को फरवरी 2023 तक सीएम योगी का सलाहकार बनाया गया है। इसके बाद संभव है कि उन्हें सरकार या संगठन में कुछ और बड़ी जिम्मेदारी दे दी जाए। आने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए अवनीश अवस्थी को संगठन में भी जिम्मेदारी दी जा सकती है। अवनीश के प्रशासनिक क्षमता का फायदा भाजपा लोकसभा चुनाव 2024 में उठा सकती है।
 
कौन हैं अवनीश अवस्थी?
अवनीश अवस्थी का जन्म 19 अगस्त 1962 को कानपुर में हुआ था। यहीं से उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा हासिल की और फिर आईआईटी कानपुर से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। 1987 में सिविल सर्विसेज परीक्षा पास करने के बाद अवस्थी को यूपी कैडर मिला। 

अवस्थी की पत्नी भी काफी प्रचलित हैं। उनका नाम है मालिनी अवस्थी। मालिनी लोकगायिका हैं। पद्मश्री से सम्मानित हो चुकी हैं। लोकगायन के क्षेत्र में मालिनी ने पूरी दुनिया में नाम कमाया है।

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उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) रहे अवनीश अवस्थी रिटायरमेंट के एक महीने के अंदर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार बन गए हैं। शनिवार को इस बाबत आदेश भी जारी हो गया। अवनीश अवस्थी अपर मुख्य सचिव (गृह) पद से 31 अगस्त को ही रिटायर हुए थे। अवस्थी के नाम सबसे लंबे समय तक यूपी का गृह विभाग संभालने का रिकॉर्ड भी है। 

अवस्थी के सलाहकार बनाए जाने के बाद से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर योगी ने अवस्थी को ही अपना सलाहकार क्यों बनाया? इसके सियासी मायने क्या हैं? अवस्थी की नियुक्ति 28 फरवरी 2023 तक के लिए ही है, ऐसे में इसके बाद वह क्या करेंगे? आइए जानते हैं…

 

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