Mau Information: ‘सरकार आते ही होगा हिसाब-किताब’ मामले में अब्बास अंसारी और उसके भाई के खिलाफ वारंट जारी

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चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन और मंच से अधिकारियों को धमकी देने के मामले में आरोपी सदर विधायक अब्बास अंसारी और उसके भाई उमर अंसारी के विरुद्ध शुक्रवार को वारंट जारी किया गया है। इसके साथ ही एसीजेएम एमपी/ एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने मामले की सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तिथि नियत की है। मामला मऊ के कोतवाली क्षेत्र का है।

अभियोजन के अनुसार विधानसभा चुनाव के दौरान एक चुनावी जनसभा में सुभासपा से चुनाव लड़ रहे सदर विधायक अब्बास अंसारी ने मंच से कहा था कि अखिलेश भैया से बात हो गई है। उनसे कहा है कि सरकार बन जाने पर जिले के सभी अधिकारियों को छह माह तक जिले में ही रोके रखिएगा, उनसे हिसाब किताब करना है।

अब्बास समेत 9 लोगों पर हुआ था मुकदमा

इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन पाते हुए शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, शाहिद लारी, मोहम्मद ईशा खां, जुल्फेकार, गणेश मिश्रा, मंसूर अंसारी सहित नौ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया है। जिसमें कुछ आरोपियों ने जमानत करा ली है। अब्बास और उमर के हाजिर न होने पर कोर्ट ने जमानती वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तिथि नियत की है।

आईएस 191 गैंग लीडर मुख्तार अंसारी और उसके परिजनों की मुश्किलें घटने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिस लगातार एक तरफ जहां अवैध रूप से अर्जित बेनामी संपत्तियों को कुर्क कर रही है। वहीं मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी और पुत्र मऊ विधायक अब्बास अंसारी की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।

लखनऊ महानगर थाने में 2019 में विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ  शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग का मुकदमा दर्ज किया गया था। पेशी से गायब रहने पर कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया था। बीते 26 अगस्त को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया। 

 दारा सिंह चौहान के खिलाफ भी वारंट
दूसरा मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र बहादुर सिंह की तहरीर पर 10 फरवरी 2017 को तत्कालीन बीजेपी प्रत्याशी पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान व उनके 27-28 समर्थकों के विरुद्ध बिना अनुमति के जुलूस निकालने में आचार संहिता के उल्लंघन के तहत एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने 11 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शुक्रवार को कोर्ट में उपस्थित न होने पर एसीजेएम ने दारा सिंह चौहान के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 28 सितंबर को है। 
पढ़ेंः मुख्तार और अफजाल अंसारी की दो करोड़ की संपत्ति कुर्क

छह साल पहले हलधरपुर क्षेत्र में युवती की हत्या के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।  अभियोजन के अनुसार, हलधरपुर थाना क्षेत्र के इटैली गांव निवासी देवंती देवी ने गांव के सुधीर गोंड के खिलाफ बेटी की हत्या किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया था।

उनका कहना था कि 10 नवंबर 2017 को उनकी बेटी शोभा राजभर शौच के लिए गई। वापस नहीं लौटी। बाद में संजय सिंह के खेत में उसका शव मिला। उसकी गला कस कर हत्या की गई थी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक अशोक कुमार की अदालत में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सुधीर गोंड को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी निर्धारित किया।

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चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन और मंच से अधिकारियों को धमकी देने के मामले में आरोपी सदर विधायक अब्बास अंसारी और उसके भाई उमर अंसारी के विरुद्ध शुक्रवार को वारंट जारी किया गया है। इसके साथ ही एसीजेएम एमपी/ एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने मामले की सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तिथि नियत की है। मामला मऊ के कोतवाली क्षेत्र का है।

अभियोजन के अनुसार विधानसभा चुनाव के दौरान एक चुनावी जनसभा में सुभासपा से चुनाव लड़ रहे सदर विधायक अब्बास अंसारी ने मंच से कहा था कि अखिलेश भैया से बात हो गई है। उनसे कहा है कि सरकार बन जाने पर जिले के सभी अधिकारियों को छह माह तक जिले में ही रोके रखिएगा, उनसे हिसाब किताब करना है।

अब्बास समेत 9 लोगों पर हुआ था मुकदमा

इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन पाते हुए शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, शाहिद लारी, मोहम्मद ईशा खां, जुल्फेकार, गणेश मिश्रा, मंसूर अंसारी सहित नौ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया है। जिसमें कुछ आरोपियों ने जमानत करा ली है। अब्बास और उमर के हाजिर न होने पर कोर्ट ने जमानती वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तिथि नियत की है।

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