Delhi AIIMS : एम्स में दिखे निजी एजेंट तो जाएंगे जेल, सुरक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी, जवाबदेही तय


एम्स दिल्ली

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में अब निजी कंपनियों, अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, रेडियोलॉजी केंद्रों, प्रतिष्ठानों के कर्मचारी दिखाई दिए तो सीधा जेल जाएंगे। अभी तक ये मरीजों को बहला-फुसलाकर उनका आर्थिक शोषण करते थे। पैसे लेकर उनका ओपीडी कार्ड भी बनवाते थे। दरअसल एम्स में प्रतिदिन हजारों मरीज तीमारदारों के साथ आते हैं। इनमें से काफी मरीजों को एजेंट घेर लेते हैं और उपचार के नाम पर उन्हें अपने संस्थानों में ले जाते हैं। इसे देखते हुए एम्स निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने शुक्रवार देर रात एक निर्देश जारी किया है। 

आदेश में कहा गया है कि निजी एजेंट जांच के लिए ऑफर के नाम पर मरीजों को बाहर ले जाते हैं। कुछ एजेंट दवाएं, डिस्पोजल, सर्जिकल आइटम और इम्प्लांट आदि भी बेच रहे हैं। ऐसे सभी अज्ञात एजेंटों के खिलाफ अब कार्रवाई होगी। उन्होंने सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ सदस्यों को निर्देश है कि एम्स में कोई अज्ञात व्यक्ति घूमता दिखता है तो तुरंत व्हाट्सएप नंबर 9355023969 पर सूचना दें। सुरक्षा स्टाफ इन्हें एम्स पुलिस चौकी को सौंप देगा। कोई भी व्यक्ति इन्हें पकड़वाने के लिए मेल भी कर सकता है। रिपोर्ट करने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। 

विभाग प्रमुख होंगे जिम्मेदार
एम्स निदेशक ने आदेश में कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए वर्दी पहनना और पहचान पत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी होगी कि प्रतीक्षा सूची के मरीजों को उचित सुविधा दें। यदि कोई अनाधिकृत एजेंट परिसर के किसी भी भाग में पाया जाता है, तो संबंधित क्षेत्र प्रभारी को भी जिम्मेदार माना जाएगा और उनपर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में अब निजी कंपनियों, अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, रेडियोलॉजी केंद्रों, प्रतिष्ठानों के कर्मचारी दिखाई दिए तो सीधा जेल जाएंगे। अभी तक ये मरीजों को बहला-फुसलाकर उनका आर्थिक शोषण करते थे। पैसे लेकर उनका ओपीडी कार्ड भी बनवाते थे। दरअसल एम्स में प्रतिदिन हजारों मरीज तीमारदारों के साथ आते हैं। इनमें से काफी मरीजों को एजेंट घेर लेते हैं और उपचार के नाम पर उन्हें अपने संस्थानों में ले जाते हैं। इसे देखते हुए एम्स निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने शुक्रवार देर रात एक निर्देश जारी किया है। 

आदेश में कहा गया है कि निजी एजेंट जांच के लिए ऑफर के नाम पर मरीजों को बाहर ले जाते हैं। कुछ एजेंट दवाएं, डिस्पोजल, सर्जिकल आइटम और इम्प्लांट आदि भी बेच रहे हैं। ऐसे सभी अज्ञात एजेंटों के खिलाफ अब कार्रवाई होगी। उन्होंने सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ सदस्यों को निर्देश है कि एम्स में कोई अज्ञात व्यक्ति घूमता दिखता है तो तुरंत व्हाट्सएप नंबर 9355023969 पर सूचना दें। सुरक्षा स्टाफ इन्हें एम्स पुलिस चौकी को सौंप देगा। कोई भी व्यक्ति इन्हें पकड़वाने के लिए मेल भी कर सकता है। रिपोर्ट करने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। 

विभाग प्रमुख होंगे जिम्मेदार

एम्स निदेशक ने आदेश में कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए वर्दी पहनना और पहचान पत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी होगी कि प्रतीक्षा सूची के मरीजों को उचित सुविधा दें। यदि कोई अनाधिकृत एजेंट परिसर के किसी भी भाग में पाया जाता है, तो संबंधित क्षेत्र प्रभारी को भी जिम्मेदार माना जाएगा और उनपर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।



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