‘दूसरी दुनिया में जाने का द्वार है ब्लैक होल, धरती भी है इसका हिस्सा!’ वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला दावा

अगर आप अंग्रेजी फिल्मों के शौकीन होंगे तो आपने ‘इंटरस्टेलर’ या ‘डॉक्टर स्ट्रेंज: मल्टीवर्स ऑफ मैडनेस’ जैसी फिल्में तो जरूर देखी होंगी. इन फिल्मों में मल्टीवर्स (Multiverse) यानी दुनिया में कई ब्रह्मांड होने का दावा किया गया है और इनके हीरोज़ ब्लैक होल के जरिए एक यूनिवर्स से दूसरे यूनिवर्स में प्रवेश करते हैं. यूं तो ये एक फिल्म थी, मगर अब एक वैज्ञानिक ने हैरान करने वाला दावा किया है जो कई यूनिवर्स और ब्लैक होल (Black gap kya hota hai) से जुड़ा है. वैज्ञानिक का कहना है कि एक यूनिवर्स (tips on how to journey from one universe to a different) से दूसरे में जाने का द्वार ब्लैक होल (What’s black gap) है.

क्या है मल्टीवर्स का सिद्धांत?
वैज्ञानिकों के दावे के बारे में बताने से पहले आपको बता देते हैं कि मल्टीवर्स और ब्लैक होल क्या होता है. हम धरती पर रहते हैं, धरती और अन्य 7 ग्रह मिलाकर हमारा सोलर सिस्टम बनता है. हमारे सोलर सिस्टम के अलावा हजारों-लाखों सोलर सिस्टम होने का भी दावा किया जाता है. ये सारे सोलर सिस्टम (Photo voltaic System) गैलेक्सी में होते हैं. हमारी गैलेस्की को ‘आकाशगंगा’ या मिल्की वे (Milky Means) कहते हैं. वैज्ञानिकों का दावा है कि इसी प्रकार सैंकड़ों गैलेक्सियां होती हैं जो एक यूनिवर्स के अंदर पाई जाती हैं. मल्टीवर्स की थ्योरी के अनुसार इस दुनिया में अनगिनत यूनिवर्स हैं.

क्या होते हैं ब्लैक होल?
दूसरी ओर ब्लैक होल स्पेस में वो जगह है जहां ना समय और ना ही स्थान का कोई अर्थ होता है. इसकी ग्रैविटी इतनी ज्यादा है कि इसके आसपास मौजूद हर चीज इसमें समा जाती है और कभी बाहर नहीं आ सकती. वैज्ञानिकों का ये भी दावा है कि एक विशाल ब्लैक होल (Black gap ke andar kya hai) सोलर सिस्टम को भी अपने में निगल सकता है और इसमें जाते ही पदार्थ एक छोटे से बिंदु में बदल जाता है. ये ब्लैक होल और यूनिवर्स की बहुत सरल व्याख्या है जिससे आपको इसका मूल आसानी से समझ आ सके. लेकिन ब्लैक होल को पूरी तरह से समझना बहुत पेचीदा है.

वैज्ञानिक ने दावा किया है कि ब्लैक होल इतने छोटे भी हो सकते हैं कि उन्हें माइक्रिस्कोप से देखना पड़े मगर उनमें भी दूसरा यूनिवर्स हो सकता है. (फोटो: New Haven College through Day by day Star)

वैज्ञानिकों का दावा क्या कहता है?
चलिए अब बताते हैं कि वैज्ञानिकों ने हाल ही में जो दावा किया है उसके क्या मायने हैं. डेली स्टार न्यूज वेबसाइट से बात करते हुए पोलैंड के वैज्ञानिक निकोडेमा पॉपलॉस्की (Nikodem Popławski) ने कहा है कि हर ब्लैक होल में एक नया यूनिवर्स बसा हुआ है. यानी ब्लैक होल दूसरे यूनिवर्स में जाने का रास्ता है. उन्होंने तो ये तक कहा कि हमारा यूनिवर्स भी एक ब्लैक होल में बसा होगा जो किसी दूसरे यूनिवर्स के बीच में होगा. वैज्ञानिक ने बताया कि ब्लैक होल इतने छोटे भी हो सकते हैं जो माइक्रोस्कोप से दिखें या इतने विशाल कि उसमें सैंकड़ों सूर्य समा जाएं मगर उन सब में एक दूसरा यूनिवर्स होना संभव है. आपको बता दें कि धरती से सबसे नजदीक ब्लैक होल है गाइया बीएच1 (Gaia BH1) है और वो धरती से 1500 लाइट इयर्स दूर है.

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