ताजमहल में खूंखार हो रहे बंदर: स्पेनिश महिला पर हमला कर पैर में काटा, 10 दिन में हुई चौथी घटना

ताजमहल में पर्यटकों को उत्पाती बंदरों से बचाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कर्मचारियों को तैनात किया गया है, लेकिन फिर भी आतंक कम नहीं हुआ है। बंदर लगातार खूंखार हो रहे हैं और पर्यटकों को निशाना बना रहे हैं। सोमवार की सुबह बंदरों ने स्पेनिश महिला पर हमला कर दिया। बंदरों ने उसके पैर में काट लिया, जिससे खून बहने लगा। पैर से खून बहता देख पर्यटक फूट-फूटकर रोने लगी। फोटोग्राफर योगेश पारस और एएसआई कर्मचारी अरुण कुमार ने पर्यटक का उपचार किया। इसके बाद वह होटल के लिए रवाना हो गई। 

बता दें कि 10 दिन के अंदर ताजमहल में बंदरों के हमले की यह चौथी घटना है। 11 सितंबर को तमिलनाडु के शाहीन रशीद को बंदरों ने काटकर घायल कर दिया था। अगले ही दिन स्वीडन की महिला पर्यटक पर हमला कर दिया था। उसे भी काट लिया था। 14 सितंबर को चमेली फर्श पर दो विदेशी युवतियों पर बंदरों ने हमला किया था। 

ताजमहल में बंदरों का उत्पात थम नहीं रहा। उत्पाती बंदर पर्यटकों को निशाना बना रहे हैं। पर्यटक सुखद अनुभव के लिए ताज का दीदार करने आते हैं, लेकिन उत्पाती बंदरों के कारण बुरा अनुभव लेकर लौटते हैं। सोमवार की सुबह बंदरों ने स्पेन की महिला पर्यटक को घायल कर दिया। 

स्पेनिश पर्यटक अपने साथियों के साथ सोमवार की सुबह ताजमहल में पहुंची। विदेशी पर्यटक ताज में मोबाइल से फोटो खींच रहे थे, तभी बंदरों ने महिला पर्यटक पर हमला कर उसके पैर में काट लिया। फोटोग्राफर और एएसआई कर्मचारी ने उसके पैर में पट्टी बांधी।

दशहरा घाट मंदिर की ओर से हर दिन सुबह और शाम को खाने की तलाश में बंदरों का बड़ा झुंड ताजमहल में पहुंचता है। ये बंदर पर्यटकों पर हमलावर हो जाते हैं। स्थानीय लोगों भी उत्पाती बंदरों से परेशान हैं।

नगर निगम को पत्र लिखने के बाद भी बंदरों की धरपकड़ नहीं होने पर एएसआई के अधिकारियों ने बंदरों को भगाने के लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई, लेकिन बंदरों का उत्पात फिर भी नहीं थमा। सोमवार को फिर घटना हो गई। 

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