खुशखबरी: दिवाली से पहले इन बैंकों के खाताधारकों के खाते में जमा होंगे 5-5 लाख रुपए, यहां चेक करें बैंक का नाम

इन
बैंकों
के
खाताधारकों
के
खाते
में
जमा
होंगे
5-5
लाख

अगर
आपका
पैसा
इन
17
सहकारी
बैंकों
यानी
को-ऑपरेटिव
बैंकों
में
जमा
है
तो
आपके
लिए
राहत
भरी
खबर
है।
डिपॉजिट
इंश्योरेंस
और
क्रेडिट
गारंटी
कॉरपोरेशन
के
तहत
इन
बैंकों
के
खाताधारकों
को
पांच-पांच
लाख
रुपए
मिलेंगे।
17
को-ऑपरेटिव
बैंकों
के
एलिजिबल
डिपॉजिटर्स
को
ये
भुगतान
किया
जाएगा।
दरअसल
इन
बैंकों
की
खस्ताहालत
के
कारण
बैंकों
से
निकासी
पर
रोक
लगा
दी
गई
थी।
बैंकों
के
डूबने
के
कारण
अब
इन
बैंकों
के
योग्य
खाताधारकों
के
खाते
में
5-5
लाख
रुपए
जमा
किए
जाएंगे।

 खाताधारकों को मिलेंगे 5-5 लाख

खाताधारकों
को
मिलेंगे
5-5
लाख

अगर
आपका
पैसा
इन
17
सहकारी
बैंकों
में
है
तो
आपको
डिपॉजिट
इंश्योरेंस
और
क्रेडिट
गारंटी
कॉरपोरेशन
यानी
DICGC
5
लाख
रुपए
देगा।
अक्टूबर
में
17
सहकारी
बैंकों
के
खाताधारकों
के
खाते
में
ये
रकम
जमा
करवाई
जाएगी।
इस
लिस्ट
में
महाराष्ट्र
के
8,
उत्तर
प्रदेश
के
4,
कर्नाटक
के
2,
नई
दिल्ली
,
आंध्र
प्रदेश
और
पश्चिम
बंगाल
के
1-1
बैंक
शामिल
हैं।

 कौन-कौन से बैंक

कौन-कौन
से
बैंक

आरबीआई
ने
बैंकों
की
वित्तीय
हालत
देखते
सांगली
सहकारी
बैंक,
रायगढ़
सहकारी
बैंक,
नासिक
जिला
गिरना
सहकारी
बैंक,
साईबाबा
जनता
सहकारी
बैंक
,
अंजनगांव
सुरजी
नगरी
सहकारी
बैंक,
जयप्रकाश
नारायण
नगरी
सहकारी
बैंक
और
करमाला
अर्बन
को-ऑपरेटिव
बैंक
हैं।
इसके
अलावा
उत्तर
प्रदेश
के
अर्बन
को-ऑपरेटिव
बैंक,
अर्बन
को-ऑपरेटिव
बैंक
(सीतापुर),
नेशनल
अर्बन
को-ऑपरेटिव
बैंक
(बहरीच)
और
यूनाइटेड
इंडिया
कंपनी
को-ऑपरेटिव
बैंक
(नगीना)
शामिल
है।इस
लिस्ट
में
कर्नाटक
श्री
मल्लिकार्जुन
पट्टाना
सहकारी
बैंक
नियमिता
और
श्री
शारदा
महिला
सहकारी
बैंक
के
अलावा
नई
दिल्ली
में
रामगढ़िया
को-ऑपरेटिव
बैंक,
पश्चिम
बंगाल
का
सूरी
फ्रेंड्स
यूनियन
को-ऑपरेटिव
बैंक
के
साथ
ही
आंध्र
प्रदेश
का
दुर्गा
को-ऑपरेटिव
अर्बन
बैंक
शामिल
है।

 उनका क्या, जिनके खाते में 5 लाख से ज्यादा जमा

उनका
क्या,
जिनके
खाते
में
5
लाख
से
ज्यादा
जमा

DICGC
इंश्योरेंस
के
मुताबिक
जमाधारकों
को
5
लाख
रुपए
की
बीमा
सुरक्षा
प्राप्त
होती
है।
योग्य
जमाधारकों
को
लिखित
आवेदन,
दस्तावेजों
की
जांच
के
बाद
अधिकतम
5
लाख
रुपए
की
रकम
दी
जाती
है।
वहीं
ये
भी
सवाल
उठता
है
कि
उन
खाताधारकों
का
क्या,
जिनके
खाते
में
5
लाख
रुपए
से
अधिक
की
रकम
जमा
है।
जिन
खाताधारकों
के
खाते
में
5
लाख
से
ज्यादा
जमा
थे,
उन्हें
भी
अधिकतम
5
लाख
रुपए
की
मिलेंगे।
आपको
बता
दें
कि
DICGC,
आरबीआई
की
पूर्ण
स्वामित्व
वाली
सब्सिडियरी
कंपनी
है,
जो
खाताधारकों
को
बैंक
जमा
पर
5
लाख
रुपए
तक
का
बीमा
कवर
देती
है।
लोगों
का
विश्वास
बैंकिंग
सिस्टम
पर
बना
रहे
इसलिए
ये
बीमा
योजना
शुरू
की
गई।
अब
बैंक
के
डूबने
या
बंद
होने
की
स्थिति
में
जमाधारकों
को
कम
से
कम
5
लाख
की
रकम
निश्चित
तौर
पर
मिलती
है।

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